sukhvinder Singh Rai ની વાર્તાઓ

अयान और निशा: साजिशों के बीच इश्क

by Sukhwinder Singh Sukhwinder

शहर के उस छोर पर जहाँ नेशनल हाईवे की तेज रफ्तार जिंदगी थम सी जाती है, धूल और धुएं ...

जे तू मेरी हीर बने, तां निर्वैर वांगू गावां

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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## एपिसोड 1: बर्फीले सन्नाटे की कैद और लेंस की तलाशलद्दाख की यह सुबह किसी ठहरी हुई और जमी ...

भैंस, बाल्टी और स्मार्ट सोनू का सिस्टम

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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गाँव की सोंधी खुशबू वाली उस पगडंडी पर धूल उड़ रही थी। शाम का वक्त था, और गाँव के ...

दीदार-ए-चाँद और इंतज़ार की रात

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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रात के गहराते साये और आसमान से टूटकर लगातार बरसती मूसलाधार बूंदें शहर की उस सुनसान सड़क पर किसी ...

अनंत आसमान के साये में

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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अथर्व और आराध्या के बीच का रिश्ता उस पुरानी झील के पानी जैसा था, जिसकी सतह ऊपर से भले ...

तेरी बाहों का सुकून

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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छोटे से शहर की गलियों में जब भी आर्यन और रिया का आमना-सामना होता, तो हवा में तानों की ...

परदेस और पराई माटी

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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पंजाब की सुनहरी धूप में चमकते वो पाँच एकड़ के खेत अब विक्रम की मलकियत नहीं रहे थे। आज ...

बेजुबानों का आशियाना

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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आँगन के उस कोने में आज भी वह रूहानी खामोशी महसूस होती है, जहाँ कभी चिंकी और चीकू की ...

गौरी का 'बुलेट' अवतार

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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खेतों में सुबह की सुनहरी धूप फैली थी। ताजी हवा में मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू थी। आर्यन और रिया ...

पॉकेट में जितना ज्यादा माल, घरवाली के उतने ज्यादा गुलाबी गाल

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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### **पॉकेट में जितना ज्यादा माल, घरवाली के उतने ज्यादा गुलाबी गाल** संडे की अलसायी सुबह थी। आर्यन बेड ...