Sonam Brijwasi ની વાર્તાઓ

पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 40

by Sonam Brijwasi

रितांश रिपोर्ट देखकर कुछ बोल ही नहीं पाया। उसकी आँखों में आँसू भर आए थे। उसके होंठ कुछ कहना ...

पवित्र प्रेम या अभिशाप Season 2 - 39

by Sonam Brijwasi
  • 765

कुछ दिनों बाद अग्निहोत्री हाउस फिर से चहक उठा। आज रितांशी पगफेरे के लिए अपने मायके आई थी। जैसे ...

Devil की दास्तान - 66

by Sonam Brijwasi
  • 597

हवेली चारों तरफ से टूटी-फूटी, बेलों और धूल से ढकी हुई है।बिजली चमकती है — और दीवारों पर पुराने ...

प्रसव

by Sonam Brijwasi
  • 81

(पांच महीने बी(पाँच महीने बीत चुके थे। सिमरन अब उस हवेली की चारदीवारी में कैद हो गई थी। करन ...

भस्म

by Sonam Brijwasi
  • 75

(डॉक्टर के क्लिनिक में सन्नाटा छा गया था। मशीन की स्क्रीन पर जो छवि दिख रही थी, वह किसी ...

विकसित बच्चा

by Sonam Brijwasi
  • 120

(सुबह की नरम धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। सिमरन की आँखें खुलीं, लेकिन वह तुरंत उठी नहीं। ...

इंतजार

by Sonam Brijwasi
  • 87

(एक महीना बीत चुका था। हवेली का वह कोना, जहाँ कभी करन की मौजूदगी से गर्माहट होती थी, अब ...

चला गया करण

by Sonam Brijwasi
  • 138

(कुछ दिन बीत गए थे। हवेली का माहौल अब वही नहीं रहा था जो पहले था। जहाँ कभी प्यार ...

खून

by Sonam Brijwasi
  • 93

(कमरे में अचानक हवा का तेज झोंका आता है। पर्दे जोर-जोर से लहराते हैं और खिड़कियां 'खड़-खड़' करके बजने ...

सिरदर्द

by Sonam Brijwasi
  • 90

(कमरे में सुबह की नरम धूप खिड़की के पर्दों से छनकर आ रही है। हवा में एक अलग ही ...