RAAHULL SHARMA ની વાર્તાઓ

अवनि एक अटूट विश्वास - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 231

यह श्रद्धा कौन है आर्यमन जी?"आर्यमन के पास इस सवाल का जवाब तो था, पर ज़ुबान जैसे किसी गोंद ...

कालू की पहाड़ी - 17

by RAAHULL SHARMA
  • 321

पहाड़ी पर मौत का सन्नाटा और कालू का अट्टहास गूँज रहा था।दीपक और अभिलाषा कांपते हुए कातिलों की भूमिका ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 13

by RAAHULL SHARMA
  • 525

जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, देवपुर राजमहल में काल का सन्नाटा और गहराता जा रहा था।एक-एक दिन भारी पत्थरों ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 11

by RAAHULL SHARMA
  • (4.6/5)
  • 543

अब्दुल हकीम, जो अब तक खामोश अपनी पुरानी रिवॉल्वर को सहला रहा था, अचानक आगे बढ़ा। उसने कांपते हाथों ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 11

by RAAHULL SHARMA
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मुन्ना मामा ने आदित्य के चेहरे पर छाई उलझन को पढ़ लिया। उन्होंने रिवॉल्वर का रुख स्टोर रूम की ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 993

हवेली की पहली झलकजंगल के सबसे घने हिस्से को पार करते ही, कोहरे की चादर फटी और सामने खड़ी ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 11

by RAAHULL SHARMA
  • 906

अवनि ने अपनी नज़रें झुका लीं, पर उसने अपना हाथ पीछे नहीं खींचा। उसे महसूस हो रहा था कि ...

कालू की पहाड़ी - 16

by RAAHULL SHARMA
  • 1.1k

कालू की आवाज़ किसी फटे हुए नगाड़े की तरह गूँजी। उसका क्रोध अब सातवें आसमान पर था। उसकी काली ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 12

by RAAHULL SHARMA
  • 1.4k

पंडित विश्वनाथ की बातें सुनकर पूरी सभा में सन्नाटा तो खिंच गया, लेकिन वहां खड़े कुछ बड़े मंत्री और ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 10

by RAAHULL SHARMA
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  • 1.1k

जब वे वहाँ पहुँचे, तो नज़ारा दहला देने वाला था। दिग्विजय की पुलिस सुरक्षा, यज्ञेश के हथियारबंद लोग और ...