आज दोपहर मैं ऋषिकेश के एक लोकधार्मिक प्रतिष्ठित मंदिर में बैठा था। वहाँ बैठे-बैठे मुझे हर थोड़ी देर में ...
'योगनगरी ऋषिकेश'—यह एक ऐसा नाम है, जिसे शायद ही किसी ने न सुना हो। इस नाम के चर्चा में ...
यह चांदनी है।सुबह का समय था। गंगा के किनारे, ऋषिकेश में मैं कुछ पढ़ रहा था। तभी सामने से ...
हम सपरिवार खेत पर काम कर रहे थे। मन के भीतर एक दबी हुई खुशी थी कि मैंने 'नवीं' ...
“व्रत” और “उपवास” ये शब्द आपने कई बार सुने होगे क्या आप इनका वास्तविक अर्थ जानते है?व्रत का अर्थ ...
“सफ़र अक्सर हमें मंजिलों से नहीं, सवालों से मिलाते हैं। ट्रेन की ऊपरी बर्थ पर बैठा वह ग्यारह साल ...