बाबा ने गंभीर स्वर में कहा— “हाँ। वही शादी जो सदियों पहले अधूरी रह गई थी।” उन्होंने कुछ पल ...
उन्होंने आगे कहा, "इसके जन्म के समय ही मेरी पत्नी रागिनी की मौत हो गई थी। चिराग का जन्म ...
धूनी में जलती लकड़ियों की चटखने की आवाज़ उस खामोशी को और रहस्यमय बना रही थी। बाहर सुबह की ...
"मोहिनी, मैं तुम्हें बहुत बार समझा चुका हूँ, तुम समझती क्यों नहीं हो? तुम्हारी तबीयत भी ठीक नहीं है। ...
जब घूँघट में छिपी अनामिका मंडप में आकर बैठी, रणविजय के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उसने धीरे से ...
मैं घर पहुँचा तो डाइनिंग टेबल पर माँ और ठाकुर साहब बैठे हुए थे। मेरे वहाँ आते ही सविता ...
ठाकुर साहब और माँ डॉक्टर के पास जा चुके थे। मैं भी कुछ ज़रूरी फाइलें उठाकर ड्राइवर के साथ ...
ठाकुर साहब मुझे इस तरह देख रहे थे, जैसे मेरे भीतर तक झाँककर यह तसल्ली कर लेना चाहते हों ...
रात का समय था। स्टेशन ने जब मुझे वापस उसी शहर में लाकर उतारा, तो कुछ पल के लिए ...
एक दिन अचानक प्रतापगढ़ के महल में राजकुमार रणविजय का संदेश पहुँचा। संदेश में लिखा था कि वह राजकुमारी ...