Vandna Sharma ની વાર્તાઓ

अलमारी

by Vandna Sharma
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सुबह के साढ़े सात बजे थे। रीना ने अदरक वाली चाय बनाकर रवि को थमाई और बहुत हिम्मत जुटाकर ...

संघर्ष अभी जारी है

by Vandna Sharma
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संघर्ष अभी जारी है...खुशबू दो दिन से अस्पताल में भर्ती थी। प्रसव की घड़ी नजदीक थी, पर जटिलताएं बढ़ती ...

गुरु गुड़ ही रहा चेला चीनी हो गया

by Vandna Sharma
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अक्टूबर का महीना था। सुबह-शाम की हवा में हल्की ठंडक घुलने लगी थी। सूरज अभी-अभी क्षितिज के पार से ...

शीनू की मंजिल

by Vandna Sharma
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कहानी - शीनू की मंज़िलशीनू इस वर्ष शहर की नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम आई थी। उसकी आँखों में बड़े ...

अति चिंतन

by Vandna Sharma
  • 1.1k

मंजू आज सुबह से ही बहुत थकी हुई महसूस कर रही थी। वैसे तो उसे नींद बहुत कम आती ...

अपराजिता

by Vandna Sharma
  • 744

कहानी - अपराजितासंध्या का समय था। दिन ढल चुका था, अंधेरा अभी पूरी तरह बना नहीं था। अपराजिता, जिसे ...

भक्ति की शक्ति

by Vandna Sharma
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कहानी भक्ति की शक्तिलेखिका डॉ वंदना शर्माकिसी शहर में एक मध्यमवर्गीय परिवार रहता था। दुलार चंद और उनकी धर्मपत्नी ...

रघु की उड़ान

by Vandna Sharma
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गांव के बड़े वाले मैदान में आज बड़ी चहल-पहल थी। चुनाव का मौसम था। एक क्षेत्रीय नेताजी मंच से ...

आभासी सखी

by Vandna Sharma
  • 1.5k

सुमन एक साधारण सी दिखने वाली, पर आधुनिक विचारों वाली लड़की थी। उसकी सबसे बड़ी खूबी और सबसे बड़ा ...

बुद्धिमानी ही अचूक अस्त्र है

by Vandna Sharma
  • 1.4k

बुद्धिमानी ही अचूक अस्त्र हैआशीष आज हमेशा की तरह समय पर ऑफिस पहुँचा था। लैपटॉप ऑन किया ही था ...