CHIRANJIT TEWARY ની વાર્તાઓ

The Last Promise - 6

by CHIRANJIT TEWARY
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तभी इन दोनो को खुसर - फुसर करता दैखकर कोमल कहती है --कोमल :- क्या खुसर - फुसर चल ...

The Last Promise - 5

by CHIRANJIT TEWARY
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इधर पि के रुद्रा को जवाब देते हूए कहता है ।पि के :- ह..हां पर तुम्हें पि...ई... के कहने ...

The Last Promise - 4

by CHIRANJIT TEWARY
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राजबीर और किशन कुमार के जाने के बाद अशोक फोन रिसिव करता है और मंगरु को डांटते हूए कहता ...

The Last Promise - 3

by CHIRANJIT TEWARY
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रुद्रा शिव मंदिर की और हाथ जोड़कर कहता है --रुद्रा :- हर हर... महादेव ।इतना बोलतल रुद्रा हाथ जोड़कर ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 90

by CHIRANJIT TEWARY
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होटल मालिक के इस तरह से कहने पर एकांश को गुस्सा आ जाता है एकांश गुस्से से होटल मालिक ...

The Last Promise - 2

by CHIRANJIT TEWARY
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धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 89

by CHIRANJIT TEWARY
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माॉतक की बात सुनकर वेटर गुस्सा से कहता है :"लगता है तुम ऐसे नही मानोगे रुको तुम ।"इतना बोलकर ...

The Last Promise - 1

by CHIRANJIT TEWARY
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धनबाद शहर , जहां के सड़को पर अशोक और राजबीर एक building से बाहर भागते हूए दिखता है । ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 88

by CHIRANJIT TEWARY
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ये पहली बार था जब एकांश का हाथ वर्शाली के किसी अंग को छु रहा था। दोनो ही एक ...

श्रापित एक प्रेम कहानी - 87

by CHIRANJIT TEWARY
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एकांश मुस्कान देकर कर जवाब देता है। वर्शाली कुछ सोचती हूई कहती है:" परतुं एकांश जी इस वस्त्र को ...