Vedanta Life Agyat Agyani ની વાર્તાઓ

वेदान्त 2.0 - भाग 42

by Agyat Agyani

वेदांत 2.0 लाइफ: अस्तित्व-आधारित जीवन सिद्धांतपुस्तक का मुख्य संदेश (The Core Hook):"यह पुस्तक पढ़ने की नहीं, जीने की पुस्तक ...

वेदान्त 2.0 - भाग 41

by Agyat Agyani
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वेदांत 2.0 : प्रकृतिजीवी से यंत्रजीवी तकयदि आज की शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था और तकनीकी सभ्यता को गहराई से देखें, ...

बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु

by Agyat Agyani
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बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु​(वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण)​मनुष्य जन्म के समय किसी धर्म, ईश्वर, आत्मा, ...

केंद्र और परिधि

by Agyat Agyani
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केंद्र और परिधिमनुष्य का जन्म केंद्र में होता है, पर उसका जीवन धीरे-धीरे परिधि पर फैल जाता है। केंद्र ...

त्रिपिंड चित्त-दर्शन

by Agyat Agyani
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त्रिपिंड चित्त-दर्शन(The Tri-Pinda Consciousness Model)प्रस्तावना: मानव और ब्रह्मांड का त्रि-खेलमानव को मैं तीन मुख्य भागों में देखता हूँ: मन, ...

मन का पर्दा और प्रत्यक्षता की त्रासदी

by Agyat Agyani
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मन का पर्दा और प्रत्यक्षता की त्रासदी — Vedanta 2.0 @import url('https://fonts.googleapis.com/css2?family=EB+Garamond:ital,wght@0,400;0,600;0,700;1,400&family=Noto+Sans+Devanagari:wght@400;600;700&family=Noto+Serif+Devanagari:wght@400;600;700&displa

वेदांत और आधुनिकता — संतुलन की खोज

by Agyat Agyani
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: वेदांत और आधुनिकता — संतुलन की खोजआधुनिक युग ने मनुष्य को वह सब दिया है जिसकी कभी कल्पना ...

शून्य से नौ तक:अस्तित्ववेदांत 2.0

by Agyat Agyani
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वेदांत 2.0 का 0–9 मॉडल एक ऐसा संरचनात्मक ढाँचा प्रस्तुत करता है जो साधारण दशमलव संख्या‑पद्धति को अस्तित्व की ...

गुरु महिमा नहीं- गुरु मैत्री

by Agyat Agyani
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"स्त्री का प्रेम और गुरु-भक्ति की मूर्खता"वेदांत 2.0 के लिए एक नया दृष्टिकोणप्रस्तावना: दो तरह का प्रेमदुनिया में प्रेम ...

प्राप्ति नहीं, प्रसाद

by Agyat Agyani
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प्राप्ति नहीं, प्रसादजीवन का मूल सूत्रमनुष्य सोचता है कि उसे सब कुछ पाना है। धन पाना, सफलता पाना, सम्मान ...