Gujarati Whatsapp Status |
Hindi Whatsapp Status
Kajal Rathod...RV
दूर इतने हो कि रोज मिल नहीं सकते,
और पास इतने ही दूर हो नहीं सकते,
ये इश्क भी क्या चीज है,जो मार रहे हैं उसी पर मर रहे हैं।नहीं लगती अब भूख और प्यास,
याद नहीं कितनी रातें बिना सोए गवांई है,
यह इश्क भी क्या चीज है ,जो भूलना चाहते हैं वही याद दिलाती है।
सफर में साथ थे तब रास्ते दिखते नहीं थे,
आज मंजिल सामने है फिर भी सफर अधूरा है,
यह इश्क भी क्या चीज है,जहां से शुरू किया था वापस वहीं आ के रुके हैं।
रूठे होते तो मना भी लेते,
गले लगा कर हर गीले शिकवे दूर भी करते,
कमबख्त ए इश्क भी क्या चीज है,छोड़ना वह चाहते हैं और बुरा हमें बनाते हैं।।RV 👑
પાયલ
આજની એજ પ્રોમીસ કે સમય અનુરૂપ એકબીજાને સમજીશું.
#happypromiseday
.
वात्सल्य
મને કોઈ દિવસ પૂછ્યું તેં કે તું મને પ્રેમ કરે છે..!!!
એકાંતે મળવાનો મોકો આપ્યો કે જતાવી શકું!!
આજ એકલી પડી ગઇ જગતથી,એટલે મળી છે!!
શૅર બજારની ગરમી જેમ ગ્રાફ જોયા કરતો'તો..!!!
- વાત્સલ્ય
वात्सल्य
એક ફૂલ સદાય ખીલેલું જોઉં છું.હા તેને મારા બગીચામાં લાવું તો મુર્ઝાઈ જવાની બીક લાગે છે.
🌺
માટે જ્યાં જે છોડ પર ખીલેલું છે,એટલે ચૂંટવાનું મન નથી થતું:ત્યાં જઈ નિરખવાનું ખૂબ ગમે છે.
- વાત્સલ્ય
Hardik Boricha
गोपाल सिंह एक सेवानिवृत अध्यापक हैं।
सुबह दस बजे तक ये एकदम स्वस्थ प्रतीत हो रहे थे। शाम के सात बजते- बजते तेज बुखार के साथ-साथ वे सारे लक्षण दिखायी देने लगे, जो एक कोरोना पॉजीटिव मरीज के अंदर दिखाई देते हैं।
परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खौफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहा था ।
उनकी चारपाई घर के एक पुराने बड़े से बाहरी कमरे में डाल दी गयी, जिसमें इनके पालतू कुत्ते "मार्शल" का बसेरा है।
गोपाल जी कुछ साल पहले एक छोटा सा घायल पिल्ला सड़क से उठाकर लाये थे और अपने बच्चे की तरह पालकर इसको नाम दिया "मार्शल"।
इस कमरे में अब गोपाल जी, उनकी चारपाई और उनका प्यारा मार्शल हैं।
दोनों बेटों -बहुओं ने दूरी बना ली और बच्चों को भी पास ना जानें के निर्देश दे दिए गयेl
सरकार द्वारा जारी किये गये नंबर पर फोन कर के सूचना दे दी गयी।
खबर मुहल्ले भर में फैल चुकी थी, लेकिन मिलने कोई नहीं आया।
साड़ी के पल्ले से मुँह लपेटे हुए, हाथ में छड़ी लिये पड़ोस की कोई एक बूढी अम्मा आई और गोपाल जी की पत्नी से बोली - "अरे कोई इसके पास दूर से खाना भी सरका दो, वे अस्पताल वाले तो इसे भूखे को ही ले जाएँगे उठा के।"
अब प्रश्न ये था कि उनको खाना देने के लिये कौन जाए ?
बहुओं ने खाना अपनी सास को पकड़ा दियाl
अब गोपाल जी की पत्नी के हाथ, थाली पकड़ते ही काँपने लगे, पैर मानो खूँटे से बाँध दिये गए हों।
इतना देखकर वह पड़ोसन बूढ़ी अम्मा बोली- "अरी तेरा तो पति है, तू भी ........। मुँह बाँध के चली जा और दूर से थाली सरका दे, वो अपने आप उठाकर खा लेगा।"
सारा वार्तालाप गोपाल जी चुपचाप सुन रहे थे, उनकी आँखें नम थी और काँपते होठों से उन्होंने कहा कि-
"कोई मेरे पास ना आये तो बेहतर है, मुझे भूख भी नहीं है।"
इसी बीच एम्बुलेंस आ जाती है और गोपाल जी को एम्बुलेंस में बैठने के लिये बोला जाता है।
गोपाल जी घर के दरवाजे पर आकर एक बार पलटकर अपने घर की तरफ देखते हैं।
पोती -पोते प्रथम तल की खिड़की से मास्क लगाए दादा को निहारते हुए और उन बच्चों के पीछे सर पर पल्लू रखे उनकी दोनों बहुएँ दिखाई पड़ती हैं।
घर के दरवाजे से हटकर बरामदे पर, दोनों बेटे काफी दूर अपनी माँ के साथ खड़े थे।
विचारों का तूफान गोपाल जी के अंदर उमड़ रहा था।
उनकी पोती ने उनकी तरफ हाथ हिलाते हुए टाटा एवं बाई बाई कहा।
एक क्षण को उन्हें लगा कि 'जिंदगी ने अलविदा कह दिया।'
गोपाल जी की आँखें लबलबा उठी।
उन्होंने बैठकर अपने घर की देहरी को चूमा और एम्बुलेंस में जाकर बैठ गये।
उनकी पत्नी ने तुरंत पानी से भरी बाल्टी घर की उस देहरी पर उलेड दी, जिसको गोपाल चूमकर एम्बुलेंस में बैठे थे।
इसे तिरस्कार कहो या मजबूरी, लेकिन ये दृश्य देखकर कुत्ता भी रो पड़ा और उसी एम्बुलेंस के पीछे - पीछे हो लिया, जो गोपाल जी को अस्पताल लेकर जा रही थी।
गोपाल जी अस्पताल में 14 दिनों के अब्ज़र्वेशन पीरियड में रहे।
उनकी सभी जाँच सामान्य थी। उन्हें पूर्णतः स्वस्थ घोषित करके छुट्टी दे दी गयी।
जब वह अस्पताल से बाहर निकले तो उनको अस्पताल के गेट पर उनका कुत्ता मार्शल बैठा दिखाई दिया ।
दोनों एक दूसरे से लिपट गये। एक की आँखों से गंगा तो एक की आँखों से यमुना बहे जा रही थी।
जब तक उनके बेटों की लम्बी गाड़ी उन्हें लेने पहुँचती, तब तक वो अपने कुत्ते को लेकर किसी दूसरी दिशा की ओर निकल चुके थे।
उसके बाद वो कभी दिखाई नहीं दिये।
आज उनके फोटो के साथ उनकी गुमशुदगी की खबर छपी हैl
*अखबार में लिखा है कि सूचना देने वाले को 40 हजार का ईनाम दिया जायेगा।*
40 हजार - हाँ पढ़कर ध्यान आया कि इतनी ही तो मासिक पेंशन आती थी उनकी, जिसको वो परिवार के ऊपर हँसते गाते उड़ा दिया करते थे।
एक बार गोपाल जी के जगह पर स्वयं को खड़ा करोl
कल्पना करो कि इस कहानी में किरदार आप हो।
आपका सारा अहंकार और सब मोह माया खत्म हो जाएगा।
इसलिए मैं आप सभी से निवेदन करता हूं कि कुछ पुण्य कर्म कर लिया कीजिए l
जीवन में कुछ नहीं है l
कोई अपना नहीं है l
*जब तक स्वार्थ है, तभी तक आपके सब हैं।*
जीवन एक सफ़र है, मौत उसकी मंजिल है l
मोक्ष का द्वार कर्म है।
यही सत्य है ।
शिक्षा:
हे कोरोना, तू पूरी दुनिया में मौत का तांडव कर रहा है पर सचमुच में, तूने जीवन का सार समझा दिया है,
" अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा, स्त्री-पुरुष, धर्म-जाति, क्षेत्र-देश, राज़ा-रंक, कोई भेदभाव नहीं, सब एक समान हैं!
असली धर्म इंसानियत है! निस्वार्थ भाव से, निष्काम कर्म, सच्चाई, ईमानदारी, निर्मल प्रेम, मधुर वाणी, सद्भाव, भाईचारा, परोपकार करना ही सर्वश्रेष्ठ है!
Dr. Bhairavsinh Raol
मनुष्य ना टूटता है,ना बिखरता है
बस थक जाता है
कभी स्वयं से, कभी भाग्य से
तो कभी-कभी अपनों से
लेकिन धैर्य मनुष्य को
सफल बनाता है ।
सुभ प्रभात
Dada Bhagwan
Trimandir Pran Pratishtha Mahotsav is going to be held in Pune in the presence of Atma Gnani Pujyashree Deepakbhai. All of you are cordially invited to be a part of this auspicious occasion.
For detailed information, visit here: https://dbf.adalaj.org/AfHZXJI9
#pune #PranPratishtha #auspicious #celebration #DadaBhagwanFoundation #Devotional
Shailesh Joshi
આપણા બગડેલ કામની પાછળ
કોઈ કારણ નહી,
પરંતુ આપણી જ કોઈ ભૂલ હોય છે,
ને આપણે પણ એ ભૂલને શોધવાની હોય છે,
ને એ પણ આપણા હિત માટે,
ને આપણે શોધીએ છીએ શું ?
"લોકોને આપવા માટેનાં કારણો"
"ને એ પણ ખાલી આપણા લૂલા બચાવ માટે"
- Shailesh Joshi
Chirag Vora
रिश्ते में किसी तीसरे का आ जाना,
पुरुष की मृत्यु का संदेश होता है..💔🌸
વિનોદ. મો. સોલંકી .વ્યોમ.
...." પધરામણી વસંતની "*
ગુંજી રહ્યું છે હૃદયમાં એવું તો મધુકરનું ગુંજન;
પતંગિયાંએ ભરી લીધું છે આલિંગનમાં સુમન;
શીતળતાની મહેક સાથે સાથે મંદ મંદ ગતિથી!
રાગ કોઈ છેડી રહ્યો છે, આજ વાસંતી પવન;
પ્રભાતે ચોમેર છવાતું ધુમ્મસ પણ એવું લાગે છે,
જાણે કે ધરતીને મળવા ઉતરી આવ્યું છે ગગન;
સવારે પડતી શબનમે પણ એવાં સજાવ્યા સાજ,
કે ચમકી રહ્યું છે કિરણોથી હિરા જડિત ઉપવન;
લાગી રહ્યું છે થઈ રહી છે પધરામણી વસંતની,
હરખાઈ રહ્યું છે મન ને "વ્યોમ" નાચી ઊઠ્યું તન;
નામ:- ✍... વિનોદ. મો. સોલંકી "વ્યોમ"
જેટકો (જીઈબી), મુ. રાપર.
Apurv Adarsh
जो किसी का नहीं होता ,
क्या वो सबका होता है ?
SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》
शादी का लड्डू खाने के
बाद वही लोग पछताते हैं
जिनका ध्यान अपने लड्डू
से ज्यादा दूसरों के
काजू कतली पर होता है।
- SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》
Lokesh Dangi
तुझे कभी बताया नहीं...
तुझे कभी बताया नहीं, लेकिन दिल में तेरी तस्वीर है,
वो तस्वीर, जिसमें तू खुद से ज्यादा करीब है।
कभी जब रातें गहरी होती थीं,
तेरी यादें चुपके से मेरे पास आती थीं।
तुझे देखने की ख्वाहिश थी, मगर देख नहीं सका,
कभी तुझे छूने की चाहत थी, मगर छू नहीं सका।
कभी सोचा था, तुझे बयाँ करूँ इन लफ़्ज़ों से,
पर जिन लफ़्ज़ों में तू समा जाए, वो कभी आये नहीं।
तुझे कभी बताया नहीं, लेकिन मैं तुझमें खो जाता हूँ,
कभी तुझे आवाज़ दी नहीं, लेकिन दिल से तुझे ढूंढ़ता हूँ।
DrAnamika
'हमने तो बस दिल्लगी की थी
आप इसे मुहब्बत समझ बैठे'
---डॉ अनामिका---
#poet #poetry #poetrylover
#hindi #
JUGAL KISHORE SHARMA
मेरा दिल हर लम्हा जाता है सू-ए-दिगर की तरफ़,
क्यों ये फ़िराक़ ही रहा क़ाबिल-ए-शिफर की तरफ़?
नज़र आती थी जो दूरी, वो भी क्या कम थी मगर,
अचानक युकें मौसम बदला रुख़-ए-मिगर की तरफ़।
वो भी फ़साना था फ़लक की दस्तकों का सदियों से,
वो उतर आया अब दर-ओ-दीवार-ए-तिगर की तरफ़।
बंदा या सलामत, रहमत है ये कि ये फ़ासले टूट गए,
नहीं तो हम भी थे मुतमईन इन्तज़ार-ए-दिगर की तरफ़।
मनफ़रीद, ये कैसा नशेब है कि जो मंज़िल थी बहुत दूर,
वहीं पे ख़त्म हुआ सफ़र-ए-गुमान-ए-जिगर की तरफ़।
------
उसके शगल ने छीन ली महफ़िल की रौनक़ भी,
वो इक लम्हा था जिसे उम्र भर का सोज मिला।
तवानद ताउम्र देखा है उसकी नज़रों का जादू,
मीकसद इसे ’शगल’ कहे है क्या इबादत कहते हैं!
जुगल किशोर शर्मा बीकानेर
ग़ज़ल एक गहरी भावनात्मक और दार्शनिक यात्रा को प्रस्तुत करती है। दूरियों, इंतज़ार, और अचानक बदलती परिस्थितियों का चित्रण किया गया है। प्रेम को ईश्वर की पूजा के रूप में देखते हैं, जो उन्हें शांति और संतोष प्रदान करता है।
#उर्दूशायरी #ग़ज़ल #दूरीऔरनिकटता #आध्यात्मिकता #भावनाएँ #शगल #प्रेम #इबादत
JUGAL KISHORE SHARMA
मेरा दिल हर लम्हा जाता है सू-ए-दिगर की तरफ़,
क्यों ये फ़िराक़ ही रहा क़ाबिल-ए-शिफर की तरफ़?
नज़र आती थी जो दूरी, वो भी क्या कम थी मगर,
अचानक युकें मौसम बदला रुख़-ए-मिगर की तरफ़।
वो भी फ़साना था फ़लक की दस्तकों का सदियों से,
वो उतर आया अब दर-ओ-दीवार-ए-तिगर की तरफ़।
बंदा या सलामत, रहमत है ये कि ये फ़ासले टूट गए,
नहीं तो हम भी थे मुतमईन इन्तज़ार-ए-दिगर की तरफ़।
मनफ़रीद, ये कैसा नशेब है कि जो मंज़िल थी बहुत दूर,
वहीं पे ख़त्म हुआ सफ़र-ए-गुमान-ए-जिगर की तरफ़।
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उसके शगल ने छीन ली महफ़िल की रौनक़ भी,
वो इक लम्हा था जिसे उम्र भर का सोज मिला।
तवानद ताउम्र देखा है उसकी नज़रों का जादू,
मीकसद इसे ’शगल’ कहे है क्या इबादत कहते हैं!
जुगल किशोर शर्मा बीकानेर
ग़ज़ल एक गहरी भावनात्मक और दार्शनिक यात्रा को प्रस्तुत करती है। दूरियों, इंतज़ार, और अचानक बदलती परिस्थितियों का चित्रण किया गया है। प्रेम को ईश्वर की पूजा के रूप में देखते हैं, जो उन्हें शांति और संतोष प्रदान करता है।
#उर्दूशायरी #ग़ज़ल #दूरीऔरनिकटता #आध्यात्मिकता #भावनाएँ #शगल #प्रेम #इबादत
Rover prashant
एक वादे में हर वादा है तुमसे
खुद से भी प्यार ज्यादा है तुमसे
- Rover prashant
Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
उम्मीद का हाथ नहीं छोड़ना चाहिये l
राह में आते हुए रोड़े तोड़ना चाहिये ll
सुनो मंज़िल तक पहुचने रास्तों को l
हालत के हिसाब से मोड़ना चाहिये ll
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह
મનોજ નાવડીયા
જીવનનાં ખેલમાં ખોટું ક્યાં સુધી કરીશ,
અંતે પરીક્ષક સત્ય બહાર જરૂર લાવશે.
મનોજ નાવડીયા
PRADYUMANSINH MAKWANA
https://www.facebook.com/share/r/15voZ5HJ8A/?mibextid=D5vuiz
GOOD MORNING
HAVE A NICE DAY AHEAD
I AM VERY SORRY
PLS FORGIVE ME
THANK YOU
I LOVE YOU
DEAR DARLING HETAL MADAM
Kamlesh Parmar
Jay Shri Ram!!
Jay bajrangbali!!
Lalit Kishor Aka Shitiz
hii everyone
go and read my all time best short novel
"yuva kintu majbur"
https://www.matrubharti.com/novels/47408/yuva-kintu-majboor-by-lalit-kishor-aka-shitiz
Parul Ketankumar Shah
1 min story
Help those who are in need.
Story credit: Original writer
બદનામ રાજા
मोहब्बत का महल कहां दोबारा बना,
तुम सुहागन बनीं, ओर में आवारा बना...
❤️🩹
kanchan
माँ की शक्ति
सालों तक दर्द सहे, चेहरे पे मुस्कान रही,
हर मुश्किल से लड़ी, पर हिम्मत अटल रही।
ग़म की अंधेरी राहों में, वो रोशनी जलाती थी,
अपनी संतान के लिए, हर दुख को छुपाती थी।
हर सुबह उम्मीदों संग, नया हौसला लिया,
हर शाम थककर भी, जीने का फैसला किया।
जब तक औलाद अपनी आत्मनिर्भर हुई,
तब तक उसने डटकर मुसीबतों से की लड़ाई।
यह माँ की इच्छाशक्ति थी और भगवान का वरदान,
कि सब सही-सलामत होने तक माँ को मिला जीवनदान।
keshav Mishra
# दिल की नुमाइशें #
वक्त के साथ चलके भला किसे क्या मिला ,
अपने तो सब छूटते ही गए यहां ,
तू बता तुझे क्या मिला ।
उम्मीद से तो दुनिया चलने से रही ,
मुझे भी जो चाहिए था कहां मिला ।
हसीं ही आती है अब इन लबों पे ,
क्या चाहिए था और क्या मिला ।
वक्त ने ये कैसा मोर लिया आज ,
एक घड़ी बदली और क्या मिला ।
कुछ तो चाहत ही रही होगी वरना ,
लोग कहते तो हैं उन्हें जो चाहिए था वो मिला ।
मेरे साथ ही ये खेल होना था मुकद्दर का ,
वक्त चाहिए था और वक्त ही मिला ।
कब समझेगा मेरा खुदा मेरी फरमाइश ,
बोलने से भी कुछ ना मिला ।
एक आखिरी उम्मीद लेके आज आया हूं ,
आज तक जो मिलता था आज वो भी ना मिला ।।।
SARWAT FATMI
खुद मे एक शोर सी हो रही हैँ
ज़िख तो बहुत हैँ
पर किसे सुन्नी हैँ
गलती तुम्हारी नहीं
तेरे बदले हुए इस रूप से
कोई शिखायत भी नहीं
हाँ, बस खुद से नफरत सी हो रही हैँ
की मैंने तुम पर खुद से ज्यादा भरोसा कैसे कर लिया 💔
- SARWAT FATMI
SARWAT FATMI
अक्सर वो कहते थे
मैं रिस्ता बहुत सिद्दत से
निभाता हूँ
हाँ सच मे
उसने रिस्ता सिद्दत से निभाया
पर दिल❤️ से नहीं
रिश्ते की बात अक्सर मेरे दिल मे थी
मोहब्बत मेरे दिल ❤️ मे थी
वो तो बस रिश्ते, मोहब्बत
अपने ज़ेहन मे ही रखते रहे 💔💔
- SARWAT FATMI
Ajit
એ પંખીની ગરદન હોંશે હોંશે મરોડીને
મજબૂરી કહો છો......
હવે એનો મધુરો ટહુકો સાંભળવા
વસંતમાં વનવગડે ફરો છો.....
જિંદગી ની "યાદ"
- Ajit
Umakant
ઓળખો તો ઔષધ.
શરદી:-
ગરમા ગરમ રેતીનો શેક
કરવાથી શરદી મટે છે.
🧘
- Umakant
Umakant
ઓળખો તો ઔષધ..
પથરી:-
લીંબુના રસમાં સિંધવ (મીઠું)
મેળવીને ઉભા ઉભા પીવાથી
પથરી ઓગળી જાય છે.
🧘
- Umakant
Sarika Sangani
जब आपको खुद के साथ रहना सबसे ज्यादा अच्छा लगे तब मान लो आप जीना सीख गए।
- Sarika Sangani
Riya patel
ulaft, mohabbat, bewafa,haya,ishq
gam, afsaane,
wo shaksh aaya hi tha zindagi mein
sayad urdu shikhane🤍🕊....!
Sandhyarani oulkar
मला बाकी आयुष्यात् काहि नकोय रे फक्त मला जस वाटतंय तस तुला ही कधीतर वाटू देत ......
खूप बोलावंसं वाटतय तुझ्याशी तुला ही अस कधितर ते वाटू देत.....
मला तुला अर्जंट भेटायचंय असं तुला ही कधीतरी वाटू देत.....
घट्ट मिठी माराविशी वाटते तुला असं तुला ही कधी तर ते वाटू देत ....
तुझ्या मांडीवर डोकं ठेउन शांत झोपायचय ते तूला अस ही कधी तर वाटू देत...
तुझ्याशी बोलले नाही की बैचेन होते तस तुला ही कधीतरी वाटू देत....
तू नजरेआड झालास की बैचेन वाटतं अस तुला ही कधीतरी वाटू देत....
लहान मुलासारखे हसायच्य बागडायचय मस्ती करायचीय खूप तुझ्यासोबत अस तुला ही कधी तर वाटू देत....
तुझ्यासोबत असलो की खूप छान वाटतं अस तुला ही कधीतर वाटू देत...
तुझ्यासोबत आयुष्य खूप छान सिक्युअर वाटतंय अस तुला ही कधीतरी वाटू देत ..
मी जशी भांडते आपल्या नात्यासाठी कधीतरी तू भांड ना रे माझ्यासाठी...
तुझ्याकडून नेहमी वेळ मागते माझ्यासाठी तुला ही कधीतरी तो वेळ मिळू देत.....
खुप उणीव भासते रे तुझी नेहमीच माझी थोडी तर उणिव तुला भासू देत....
खुप मिस करते रे मी तुला तुला ही कधीतरी माझी आठवण येऊ देत.........
खुप सवय झाले रे तुझ्या सहवासाची तुला पण थोडी माझी सवय होऊ देत... फक्तं एवढच हवय मला......
खूप हरले रे आता या सगळ्या गोष्टी फक्त मला एकटीला च हव्यात अशा वाटायल्यात रे आता .......
Armin Dutia Motashaw
🌸🚶🏻🌸
FASHIONABLE, UP TO DATE
" Oh, she is sooooo sooooo old fashioned, absolutely out of date"
May be I deny do not; but neither am I ashamed! Torn jeans I just hate;
Buy these tattered stuff they, at prices exorbitant, at a very high rate
Our choli blouse is now worn as a crop-top, to the belly button accentuate
Our grand embroidered "ijar" is now worn with these choli-top; changed has their fate
Happy n satisfied I am with my dresses traditional n their fashion I often create.
Armin Dutia Motashaw
Nency R. Solanki
તે મને અપનાવી, રાખી એક રાણીની જેમ,
હવે કેમ રાખે છે? એક અજાણીની જેમ?
- Nency R. Solanki
Anita Sinha
हे मां भारती हे मां शारदे।
जय जय हे मां सरस्वती हे मां भगवती
हे मां शारदे। कोटि-कोटि प्रणाम तेरे चरणों में
करते हैं हे मां शारदे।
धरती तुम्हें पुकारती जय जय हे मां भारती। हंस पर सवार होकर अब आओ धरा
पर हे मां भारती। तेरे नाम अनेकों विश्व संचालिनी कहलाती तुम हो हे मां सरस्वती
हे मां भगवती हे मां भारती। जय जय हे मां ज्ञान दायिनी हंस वाहिनी हे मां शारदे। वाहन तेरा हंस कमल फूल तेरा आसन हे मां हंसवाहिनी हे मां भारती हे मां शारदे। जय जय हे मां श्वेत कमल वासिनी वैकुंठ वासिनी
हे मां शारदे।
अखिल विश्व की एक छत्र स्वामिनी हे विद्या दायिनी हे मां विद्या रुपिणी हे मां शारदे।
तुम ही हो ज्ञान की दाता शब्दों की ज्ञाता
वेद पुराण विख्याता हे मां शारदे। जय जय हे मां ब्रह्मचारिणी वर दायिनी विमल मति दायिनी
हे मां शारदे। कुमति निवारिणी तुम हो हे अम्ब
जग जननी जगदम्ब जग अवलंब हे मां शारदे।
तेरे चरणों में जो आए वो विद्या से झोली भर
कर जाते हैं हे मां शारदे। हम तो तेरे द्वार के
हैं भिखारी शरण में आए हैं तुम्हारी। बसंत ऋतु
पर ऐसा ही हो बसंत जहां खुशियां हो अनंत।
पक्षियों के कलरव गूंजे कोकिल की कुहू कुहू दादुर पपीहे के स्वर मधु रस छलकाए सुदूर गगन उड़ते पंक्षी विहंगम् दृश्य झलकाए
उमंग और उल्लास से ध्वनित हो दिग दिगंत।
बसंत में बसंत का उपहार दे धरती हो शस्य श्यामला सर्वदा सुफला सुजला।
अविरल निर्मल रजत गंग धार बहे बसुंधरा
हो पल्लवित सुरभित सुमन चमन में।
बसंती फूलों की फूले फुलवारी हे मां भारती
तेरे वतन में। बसंती चोला पहने आजादी के दीवाने गाते रहें गीत मेरे भारत देश में।
जन जन जय घोष करें
तेरे महिमा गान के भारत देश में।
मति मति मति दे हे मां शारदे।
मति विभ्रम दूर हो हे मां शारदे।
जड़ बुद्धि को दूर करो हे मां शारदे।
बुद्धि को प्रखर बना दे हे मां शारदे।
हे बुद्धि की देवी बुद्धि का वरदान दो
हमें। तेरे चरणों में सेवा साधना करने
का अवसर दो हमें।
तेरी पूजा करें हे मां शारदे।
तेरे चरणों में शीश नवाएं हे मां शारदे।
फल फूल और प्रसाद चढ़ाएं हे मां शारदे।
धूप दीप और आरती करें हे मां शारदे।
तेरे चरणों में जयकारे लगाएं हे मां शारदे।
कोटि-कोटि प्रणाम करते हैं हे मां शारदे।
भूल चूक माफ करो हे मां शारदे।
जय जय हे मां शारदे।
- Anita Sinha
Anita Sinha
महाकुंभ उत्सव।
महाकुंभ बसंत ऋतु राज का शुभ
सौगात है जी। मां सरस्वती जी का त्रिवेणी
संगम मिलाप है जी। चारों शिव शंकर जी का
धाम महाकुंभ महादेव का तीर्थ धाम राज
प्रयाग उपहार का बरसात है जी।
बसंत आ गया है चलो चलें सब मिलकर उत्सव महाकुंभ उमंग और उत्साह से भर कर मनाएं। बंधु सखा नाते-रिश्तेदारों एवं आत्मीय स्वजनों संग
प्रेम मुदित हों झूमते नाचते हर्षोल्लास से बसंतोत्सव महाकुंभ में मनाएं। कोई कोर कसर बाकी
न रहे उत्सव में ऐसा रंग हो हमारे मन में जी।
तन रंग लें मन रंग लें और अन्न धन घर भर
लें जी। कर लो दर्शन महादेव विराजे महाकुंभ संगम
तीर्थ राज। जहां बज रहा ढंका शिव शंकर जी का
निशि वासर जागरण जयकारा होता बाबा विश्वनाथ
भोले नाथ का केवल राज। वो है महाकुंभ महादेव
तीर्थ राज। हर हर गंगे हर हर गंगे हर हर गंगे।
नमामि गंगे नमामि गंगे बोले धरती का कण-कण
बोले जन जन बोले चलों चलो तीर्थ राज प्रयाग राज।
बसंत में चलें प्रयाग राज संगम मेला।
ऋतु राज बसंत राजित तीर्थ धाम में
लगा हुआ है महाकुंभ महादेव दर्शन
पावन पर्व पर मेला। सारे तपस्वी ऋषि मुनि
संन्यासी संग भक्त गण साधु संत कर रहे कल्प वास हवन-यज्ञ खास तट संगम। बना हुआ है
अद्भुत अलौकिक भक्ति सागर नजारा ।
गूंजे हर हर गंगे हर हर महादेव महाकुंभ जयकारा। अद्वितीय अनुपम सौंदर्य अह्रनिश
छलक रहा जन जन दर्शन हर्षित मन।
देश विदेश कोने कोने से उमड़ पड़ा है जन
आस्था का सैलाब। प्रयाग राज की धरती
चमके निशि वासर जैसे दोआब।
महाकुंभ वर्ष १४४ बाद लगा प्रयाग राज छलके अमृत बूंद कण कण में। ढोल बाजे गाजे नगाड़े
सतरंगी छटा बिखेरे शिव शंकर शम्भु के चरणों में। नागा साधु , किन्नर टोली , साधक महादेव
आराधक सज धज कर करतब दिखाते झूमते नाचते और गाते ब्रह्म मुहूर्त में पाएं अमृत स्नान
लाभ।
अपरिमित अध्यात्मिक भक्ति गूंज का शोर
व्याप्त हो गया है संगम पर। नयन निहारे होए
निहाल खुशहाल पाकर महाकुंभ महादेव
महास्नान अमृतमय भक्त सिंचित प्रयाग राज सुधा रस उद्गम पर।
हे महाकुंभ के ब्रह्मांड नायक महादेव अकिंचन अधम दासी करे यथावत यथास्थान
तव चरण दंडवत प्रणाम हो प्रणत नतमस्तक।
जो लिखे पढ़ें और श्रवण करे तथा हूं तेरे पावन
मोक्षदायिनी गंगा स्नान करे मन आनंद भरे
सबको समान फल देकर कृतकृत्य करना।
अर्जी हमारी मर्जी तुम्हारी मेरी आराधना
सब कुशल मंगल रखना। करुण पुकार सुन लेना और इधर आओ तो तनिक विचर लेना
हमारे आंगना हे महाकुंभ महादेव नित नित
पूजें भजें तोहे एक मना।
जय श्री गणेश जी गौरा मैया जी के शिव शंकर जी ब्रह्मा विष्णु और महेश , गंगा जमुना सरस्वती संगम पर विराजमान सर्व देवी देवताओं के चरणों में नमस्कार स्वीकार करो।
यद्क्षरं पदभ्रष्टं मात्रा हीनं च यद्भवेत्।
तत्सर्व क्षम्यतां देव देवी महेश्वर पंच परमेश्वर
सर्व कुशल मंगल करोतु मे।
सर्व बाधा हरोतु मे। शरणातम् शरणागतम्
शरणागतम्। सुस्वागतम् सुस्वागतम् सुस्वागतम् महाकुंभ महादेव जी।
जय जय प्रयाग राज तीर्थ धाम।
जय जय मेरा सुख धाम।
- Anita Sinha
Anita Sinha
प्रयाग राज तीर्थ।
अमृत कलश छलके प्रयाग राज तीर्थ धाम में । गंगा मैया जमुना मैया बनी त्रिवेणी मिल
सरस्वती मैया के जल धार में। डमरु बजाते त्रिशूल धारी कैलाशी त्रिपुरारी विराजे हैं
महाकुंभ लगा प्रयाग राज में । धूम मची हुई है भक्ति सागर का साल एक सौ चौवालीस बाद
अमृत स्नान के लिए। तैंतीस करोड़ देवी-देवता
भाई विराजे हैं चारों शिव शंभु तीर्थ धाम में।
हर्षाई धरती और गगन पुष्प वृष्टि हो रही कृपा
की भाई महाकुंभ महादेव के चारों तीर्थ धाम में। ऊं नमः शिवाय के जयकारे सजाए झांकी निकाली हरिद्वार प्रयाग राज उज्जैन महाकालेश्वर त्रयंम्बकेश्वर।
कोटि-कोटि प्रणाम महाकुंभ महादेव।
दंडवत प्रणाम।
- Anita Sinha
E₹.H_₹
"કીચડમાં પગ ફસાઈ જાય તો નળ પાસે જવું જોઈએ પણ નળ જોઈને કીચડમાં ન જવું જોઈએ... જિંદગીમાં ખરાબ સમય આવે તો પૈસાનો ઉપયોગ ક૨વો જોઈએ પણ પૈસા જોઈને ખરાબ રસ્તે ન જવું જોઈએ..!!"
#H_R
Misty Alam
Delicious Food, Oh So Good!"
Pizza, pasta, ice cream too,
Yummy treats for me and you!
Juicy apples, grapes so sweet,
Every bite's a tasty treat!
Umakant
મન જુદારો હોય તો
સૌના અલગ મત હોય છે!
ભાવ વિના વાતમાં ક્યાં
કોઈ ધરપત હોય છે?
એમ ના વિંખાય હસતાં
કોઈ માળા ક્યાંય પણ,
ક્યાંક લાલચ નામની,
ખુદની જ હરકત હોય છે.
🙏🏻
🙏🏻
- Umakant
PINTU RATHORE
🌍राजस्थानी 🌍
कि महक महला री खुशबू राजस्थान री।
दूर -दूर सम्मान घणों 🙏 आ मीठी बोली राजस्थान री।🥰💫
वीरा रो रंग जीण मीटी में बाह मिटी राजस्थान री
केसरिया बालम मूंछों वालों पगड़ी सु पहचान
घणी....।
मोठ बाजरी अन उपजावे न्यारी बाता किसान री।👩🌾👩🌾
घूमर म्हारी सोवणी कालबेलिया मनमोहणी।
आ मीठी बोली राजस्थान री।
हरियाली खेता री। 🌱🌿🌴
प्रेम घणों अब बात है सम्मान री।🙏🙏
आयौड़ा रौ मान राखणौ,आ बोली राजस्थान री।
🙏अंतराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस की हार्दिक
शुभकामनाएं🙏
🙏ख़म्मा घणी 🙏
✍️PINTU RATHORE ✍️
Kaushik Dave
मेरे मन में छिपा है एक जासूस,
मन की बातों को जानता है जासूस।
वैसे तो मुझे पता ही नहीं था,
लेकिन ग़लत करने पर रास्ता दिखाता है जासूस।
मन के विचार कभी कभी होते हैं ग़लत,
दिल के अंदर का ईश्वर देखता है सब।
जिंदगी का सही रास्ता हमें ढूंढना है,
इसलिए हमें दिल के जासूस को मानना है।
कोई तो पूछेगा कौन है वह जासूस,
वह कोई और नहीं, हमें बनाने वाले हैं प्रभु।
- कौशिक दवे
- Kaushik Dave
Jignesh Prajapati
Do today’s duty, fight today’s temptation; do not weaken and distract yourself by looking forward to things you cannot see, and could not understand if you saw them.
Sanket Gawande
on last weekend when I was wondering near the beach ...I swa one girl who is seating on rock Alone and just staring towards the ocen and that beautiful sunset maybe see is in deep thought and suddenly this line come in my mind so I note it down.......
.........
मैं भी सोचूं,
समंदर आज इतना शांत सा क्यों लग रहा है,
लहरें भी आज चुप हैं,
जैसे किसी की बात सुन रही हैं…
शायद…
कोई आया है इससे मिलने,
कोई जो खुद भी समंदर सा गहरा है,
जो जज़्बातों का सैलाब है,
और खूबसूरती का एक बेमिसाल दरिया है…
हवा भी धीरे से चल रही है,
जैसे उसके कदमों की आहट सुन रही हो,
रैत भी रुक सी गई है एक जगह,
जैसे उसके नर्म पाँव का एहतराम कर रही हो…
वो जो आया है,
शायद अपनी तन्हाई को छोड़ने,
अपने बातों को बयां करने,
या फिर समंदर से ये कहने,
कि उसके दिल में भी अब एक तूफान सा उठ रहा है...
जज़्बातों का बवंडर बढ़ रहा है...
यूँ तो समंदर तू शांत सा दिखाई दे रहा है,
लेकिन अंदर कहीं तेरे भी एक लहर सी उठ रही है…
जैसे समंदर भी उसके ग़मों से बेचैन हो,
जैसे उसके ग़मों को अपनी गहराइयों में छुपा लेना चाहता हो…
आज समंदर और वो,
दोनों एक जैसे से लग रहे हैं…
एक गहरा, एक बेचैन…
एक शांत, एक उदास…
एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते दोनों साथ…
और मैं सोचता रहा,
आज समंदर इतना शांत सा क्यों लग रहा है…
आज समंदर इतना शांत सा क्यों लग रहा है…
_Sanket.
Krupali Chaklasiya
મૃત લોકો તો બધાને દેખાય છે પણ જીવતાં મૃત લોકોનું શું તે ક્યાં કોઈને દેખાય છે.
Sanket Gawande
Dhundana chaho to yaha har yek kisso me khushi hai,
har yek lamhe me khushi hai,
bat itni si hai hame bas,
yek kadam aage badke use hame apnana hai.....
spread Smile😃 spread Kindness❤️
Sanket Gawande
thought....
Neha Diwan
तुम्हें पता नहीं था कि हम तुम्हारे हैं,
वरना तुम यूं पलट कर ना देखते यह हो ही नहीं सकता 💔।
✍️ नटखट नेहा
Parmar Mayur
તેમની ચોખવટ માં પણ કેટલી અર્થપૂર્ણતા હતી,
અર્થહીન વાતોમાં પણ અર્થપૂર્ણ ચોખવટ હતી.
- Parmar Mayur
shah
સળગે ત્યાં ધુમાડો થાય અને બળે ત્યાં રાખ જ થાય... ફક્ત પ્રગટે ત્યાંજ પ્રકાશ થાય.….✍️
|| શુભ ~ સવાર ||
Mitul Prajapati
ઘણા લાંબા સમય પછી થયા આમ સામા સામી,
થયી મુલાકાત તો મજાની,ને નવી યાદો ની ભરતી જામી..
shah
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
જિંદગી ની યાત્રા પણ વિચિત્ર છે, કશું જ લીધા વગર આવીએ છીએ, દરેક વસ્તુ માટે લડીએ છીએ, અને અંતે બધું જ છોડી ને ચાલ્યા જઈએ છીએ..!!
🌞 શુભ સવાર 🌞
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
Hemant Parmar
https://www.facebook.com/share/r/1B2kcKi6za/?mibextid=D5vuiz
Sahir Parmar
हम जिसे सबसे ज्यादा प्यार करते है,
वो ही हमें सबसे ज्यादा hurt करते है...
✍️ S.P.
Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
प्यार का पहला ख़त किताबों में मिला l
खूबसूरत सा नगमा कलामों में मिला ll
तन्हाई के लम्हे और भी रंगीन हो गये जब l
दिवाने ख़त का जवाब सवालों में मिला ll
बरखा के मौसम में भीगे दिन भीगी रातों में l
मुहब्बत रस भरा पियाला ख्वाबों में मिला ll
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह
બદનામ રાજા
राबता टूट चुका है तो सदायें कैसी,
अब जो मिलना ही नहीं है तो वफायें कैसी,
चंद यादें हैं और आंसुँ हैं वापस ले लो,
जब कोई जुर्म नहीं है तो फिर ये सज़ायें कैसी...
Dipika
કોણ છે તમારી અસલી જિંદગી નું
"Teddy"?
જે દરેક મુશ્કેલી વખતે તમારી સાથે રહે છે...
Dada Bhagwan
जब कभी भी दु:ख होता है, वह इसलिए कि संपूर्ण जागृति नहीं है। - दादा भगवान
अधिक जानकारी के लिए: https://dbf.adalaj.org/9FvUPaEG
#quote #quoteoftheday #spiritualquotes #spirituality #hindiquotes #dadabhagwanfoundation #DadaBhagwan
Parmar Mayur
તેમને એક 'ટેડી બિયર' સૌગાદ સ્વરૂપે આપ્યું,
બદલામાં 'લાગણીથી ભરપૂર' હૈયું લઈ લીધું.
🧸Happy teddy day 🧸
- Parmar Mayur
Ravi Lakhtariya
download app : https://play.google.com/store/apps/details?id=com.gunatitsolutions.gsreeldownloader
where you can download instagram reels, youtube shorts videos. #ravilakhtariya
SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》
मेरे सामने तो वो हमेशा वफादार ही था ,
बस मसला तो पीठ पीछे का था...💔🩶
- SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》
Shailesh Joshi
જ્યાં સુધી
વાતાવરણ ઠંડક ભર્યું રહેશે,
ત્યાં સુધી એ જામેલા રહેશે,
ને જેવી થોડી ઘણી ગરમી
આવી, એ ઓગળવા માંડશે,
"સંબંધો બરફ જેવા હોય છે"
- Shailesh Joshi
Shefali
હોય છે ને કોઈ કોઈ જણ ટેડી જેવા.!!
#shabdone_sarname__
#શબ્દોને_સરનામે__
#shabdone_sarname_
Kamini Shah
મમતાની ઓથમાં
વાત્સલ્ય
સુખની નિંદરે પોઢે…
-કામિની
Parmar Mayur
તેને કહેલી દરેક વાત ધ્યાનપૂર્વક સાંભળવી છે,
માટે દિલથી હોંકારો દેવાની પુરી તૈયારી કરી છે.
ખુલ્યા મન કમાડની જેમ પુરેપુરા ઘરમાં રોનક દેખાઈ છે.
બન્ને દ્વાર થયાં ભેગા, મિલનથી ઘર બનવાની તૈયારી છે.
એક બીજ બંને હજારો બીજ તો દબાઈ જવાની પુરી તૈયારી છે.
બે ટંકનો રોટલો શેકાઈ જાય તો કાષ્ટ બની સળગવાની તૈયારી છે
સુર્યની જેમ વિશ્વ તો પ્રકાશમાન કરી શકવા સમર્થ નથી,
હા, ઝુંપડીમાં નાનો દીવડો બની ઉજાસ ફેલાવી દેવાની તૈયારી છે.
મુર્તિ બનેલો પથ્થર અનેકવાર ઘા સહીને આકાર પામ્યો છે,
પ્રગતિ નાં પંથે પથ્થરનું પગથિયું બની જવાની તૈયારી છે.
Dr. Bhairavsinh Raol
खुद की औकात होगी, तो दुनियाँ भी कद्र करेगी,
किसी के इर्द गिर्द खड़े होने से किरदार ऊँचे नहीं होते .!!
Good Day 🌻
Darshana Kakadiya
જીવન ભગવાન ની આપેલી એક
અમૂલ્ય ભેટ છે માટે તેને ગમે
તેમ વેડફવી ના જોઈએ..😇
- Darshana Kakadiya
Vrishali Gotkhindikar
#मटार_एक्स्प्रेस
🟢हिरवा मटार..
🟢हिरवा रस्सा....
🟢मटार रस्सा
🟢साहित्य
हिरवे मटार पांव किलो
तीन चार हिरव्या मिरच्या
सात आठ दाणे काळी मिरी
फोडणीचे साहित्य
ओले खोबरे एक वाटी
कोथिंबीर थोडे किसलेले आले मीठ चवीप्रमाणे
🟢 कृती
प्रथम ओले खोबरे मिरच्या व कोथिंबीर आले यांचे बारीक वाटण करून घ्यावे
🟢कढईत नेहेमीप्रमाणे मोहरी व हिंग घालून फोडणी करून
त्यात थोडे काळी मिरीचे दाणे घालावे
नंतर ओले मटार दाणे त्यात टाकून
झाकण ठेवून वाफ आणावी
🟢एक दोन वाफा आल्यावर त्यात साधारण चार वाट्या पाणी घालणे
याला एक चांगली उकळी येऊ द्यावी
नंतर मंद आचेवर ठेवून त्यात तयार केलेल वाटण घालावे
व परत उकळी येऊ द्यावी
🟢नंतर आवडीप्रमाणे मीठ घालून
गरम गरम खायला घ्यावे
सोबत खरपुस भाजलेले पाव आणि लिंबू घ्यावे
काळी मिरी मुळे तिखटपणा येतो
आवडत नसल्यास नाही घातली तरी चालते
🟢टीप ..
मटार चा हिरवा रंग व विशिष्ट चव टिकून रहावी यासाठी
फोडणीत हळद तसेच वाटणात कांदा लसूण घालण्याचा मोह टाळावा😃
સુરજબા ચૌહાણ આર્ય
મિત્રો અમે અમારા વતન ધોળાવીરા ગયા હતા. ખાવડા થી લઈને ધોળાવીરા વચ્ચે જે રણ છે એને જોઈને એવુ લાગે આપણે કોઈ અન્ય ગ્રહ પર આવી ગયા હોઈએ એકદમ સ્વર્ગ જેવો નજારો હતો.એક તો ત્યાં કંપનીઓ નથી એટલે વાતાવરણ શુદ્ધ છે. 🙏🏼સુપ્રભાત જય સીયારામ 🙏🏼
Komal Mehta
વિષય : રમત
રમત.....
રમત નો શોખ કોને નથી હોતો, રમત ગમત નો શોખ માણસ ને એના અંદર ના બાળક ને જીવતો રાખે છે. કળા નું આપણા જીવન માં બહુ આગવું સ્થાન હોવું જોઈએ કેમ કે, આ કળા આપણને એક સંતોષ પ્રદાન કરે છે.જવાબદારી આવવાથી જીવન માં અમુક વસ્તું છૂટી જતી હોય છે, અને આ છૂટેલી વસ્તું ને પોતાનો સાથી બનાવી લેવો જોઈએ.
કળા આપણો સાથ ક્યારે નથી છોડતી, હંમેશા આપણા સાથે રહે છે,રમત ગમત અને આપણા શોખ આપણને પ્રેરણા આપે છે આત્મવિશ્વાસ આપે છે, ઉંમર ના કોઈપણ પડાવ માં આપણે કેમ નથી હોતા પણ આપણી ગમતી વસ્તું માટે સમય ને કઈ રીતે ફાળવવો એ આપણા હાથ માં છે.
જીવન માં આપણી જવાબદારી ઓ આપણી સાથે રહેવા ની છે.જીવન માં બધુંજ અસ્થાયી રૂપ માં છે, ચાલતી આ ક્ષણ માં બીજી ક્ષણે શું થશે એ આપણે નથી જાણતાં માટે જીવન ને માણતા શીખો.જીવન ને માણવા માટે સૌ પ્રથમ આપણાં શોખ ક્યારે મારવા ના જોઈએ.
સપનાં જોવા અને એણે પૂરા કરવા ની જન્તોજત નહી રહે તો જીવન ની મજા ખતમ થઈ જાય છે,જીવન ને જીવવા ની અસલી મજા તો આ પરિશ્રમ ના દિવસો છે, મહત્વાકાંક્ષી હોવું જોઈએ પણ દિયોર્ધન જેવું નહી, આપણા કર્મ થી જે પણ કંઈ આપણે પામી શકીએ એટલું હોવું જોઈએ.
અમુક લોકો મે કહેતા સાંભળ્યા છે કે હવે જીવન ને જીવવાનો રસ ખતમ થઈ ગયો છે. જીવન જીવવાનો રસ ક્યારે ખતમ થઈ જાય છે જ્યારે આપણા પાસે કઈ સપના નથી બચતા અંદર કઈ પામવાની ઝંખના જ્યારે ખતમ થઈ જાય છે, ત્યારે જીવન ને જીવવાની આશા મૃત્યું પામે છે. જીવન માં ક્યારે પણ પોતાનાં શોખ ને ક્યારે આહુતિ ના આપવી જોઈએ, મંજિલ મળે નાં મળે બસ સદંતર વળગી રહેવું જોઈએ.
કોઈ એક રમત ગમત ને આપણે આપણા રોજિંદા જીવનનો હિસ્સો બનાવો જોઈએ, કસરત કરવી ગમતી નથી કઈ વાંધો નહિ પણ આપણી મનગમતી રમત તો અપણનને રમવી ગમે છે, દરરોજ એક કલાલ વ્યક્તિ એ પોતાના માટે ફાળવવો જોઈએ.જીવનમાં આ કસરત કરવાનું ક્યારે બંધ નહી કરતા, શારીરિક કસરત અને માનસિક કસરત જો બંધ થઈ ગઈ તો જીવનનો અંત આવી ગયો.
જ્યાં સુધી પ્રાણ છે જીવન માં , ત્યાં સુધી તો શોખ જીવંત રહેવા જોઈએ. જીવન ને જીવવા નો રસ ક્યારે ખતમ નહી થાય જો તમારા જીવન માં કસરત અને કળા નો રસ જીવંત રહેશે.
Vrishali Gotkhindikar
“स्वप्न .
तुझ्या प्रितीच बिलोरी स्वप्न
जेव्हा पासून पडू लागले ..
मीच झालो एक “आरस्पानी “आरसा
तुझे रूप मिरवणारा ..
असे म्हणतात स्वप्ने रात्री पडतात
पण इथे तर ..
दिवसा पण तु माझ्या
स्वप्नात येतेयस् ..!!!
.वृषाली ..
Parmar Mayur
મેં જોયું છે કે ક્યારેક "જીવંત માણસો" રડાવી જાય છે,
નિર્જીવ રમકડાં તેમની કળાથી "હસાવતા" જ જોયાં છે.
🧸Happy teddy day 🧸
- Parmar Mayur
Parmar Mayur
મેં જોયું છે કે ક્યારેક જીવંત માણસો રડાવી જાય છે,
નિર્જીવ રમકડાં તેમની કળાથી હસાવતા જ જોયાં છે.
- Parmar Mayur
Jyotindra Mehta
https://www.matrubharti.com/book/19969906/narad-puran-part-63
Kamlesh Parmar
Jay Shri Ram !!
Jay Bajrangbali !!
DrAnamika
"जो शेर शायरियों से मुहब्बत हुआ करती
रोज लाखों आशिकों की खुदकुशी हुआ करती."
--डॉ अनामिका--
Alfaz A Shyari
https://www.instagram.com/reel/DADIYd0pL2Q/?igsh=eW50Y3pudmhrcjFy
Harshad Patel
Good Night
- Harshad Patel
Piyush Goel
The Piyush Theorem is a theorem in geometry that relates the sides of a right-angled triangle when the sides are in arithmetic progression.
Here's a breakdown of the theorem:
Statement:
In a right-angled triangle where the sides are in arithmetic progression, the distance between the point of intersection of the median and the altitude drawn to the hypotenuse is one-tenth the sum of the other two sides (the sides forming the right angle).
Conditions:
* Right-Angled Triangle: The triangle must have one angle of 90 degrees.
* Arithmetic Progression: The lengths of the sides must form an arithmetic progression (i.e., the difference between consecutive terms is constant).
Example:
Consider a right-angled triangle with sides 3, 4, and 5 (which are in arithmetic progression). The distance between the intersection of the median and altitude to the hypotenuse will be 1/10 * (3 + 4) = 0.7.
Origin:
This theorem was discovered and proven by Piyush Goel.
Additional Notes:
* The theorem provides a specific relationship within a particular type of right-angled triangle.
* It combines concepts from geometry (right triangles, medians, altitudes) and algebra (arithmetic progressions).
If you'd like, you can ask me to explain the proof of the theorem or provide more examples.
Meghna Sanghvi
ક્યારેક તો હું સમજી નથી શક્તી કે, તારા વગર એકલી હું કેમ જીવી રહી છું?
તારી વાતો, તારી મુલાકાતો વગર મને કેમ ચાલે છે?
meghu
JIGAR RAMAVAT
નિયમોનો પ્રસાર કરીને,
ભારત ને પ્રખ્યાત કરે છે.
વિશ્વમાં વિખ્યાત થઈને,
યુનેસ્કો ના નામે ચડે છે.
389 સભ્યોના ભાગમાં,
એવી સમિતિની રચના કરે છે.
166 બેઠકોનું આયોજન કરીને,
11 સત્રો નો સુયોજન કરે છે.
રાજેન્દ્ર પ્રસાદની અધ્યક્ષ પદ આપી,
આંબેડકર ઘડવૈયા બને છે.
લોકશાહી બિનસાંપ્રદાયિકતા.
સંઘરાજ્ય અને પ્રજાસત્તાકમાં પ્રસાર કરે છે.
બંધારણને ધ્યાનમાં રાખીને,
ન્યાયતંત્ર નાગરિકનો ન્યાય કરે છે.
મૂળભૂતકો અને ફરજ જણાવી,
નાગરિકને સુબોધ કરે છે.
9/12/46 માં શરૂ થઈને,
26/11/1949 માસ સ્વીકાર થાય છે
1083 દિવસનું કામ કરીને,
બંધારણ સભ્યોને માન મળે છે.
ભારતનું જીગર છે બંધારણ,
નથી ભારત સાધારણ.
Meghna Sanghvi
ખાલી હથેળી બધાં જોઈ શકે છે.
પણ, ખાલી હ્રદય ક્યારેય કોઈની નજરમાં નથી આવતું...
meghu
- Meghna Sanghvi
Meghna Sanghvi
તારા વગર કાંઈક તો ખૂટે છે મારી ભીતર,
પણ, શું?
એનો જવાબ હું નિરંતર શોધ્યા કરું છું.
meghu
- Meghna Sanghvi
Rover prashant
डूबना इश्क में उतना
जितना तैरने की ताकत हो
आशिक चुनना वैसा जिसमें
बा वफा ,नजाकत हो
- Rover prashant
Rover prashant
डूबना इश्क में उतना
जितना तैरने की ताकत हो
आशिक चुनना वैसा जिसमें
बा वफा ,नजाकत हो
kiranvinod Jha
बोलने से मोहब्बत पूरी नहीं होती,
उतारना उसे धरातल पर पड़ता है।
मोहब्बत भी जरूरतें मांगती है,
बताएं बिन यह जानना पड़ता है।।
मिश्री
- kiranvinod Jha
kiranvinod Jha
जाना है एक दिन सबको,
कोई आज जाये,कोई कल।
यादें बनाएं रखनी है तो,
हृदय में बसना ही है हल।।
मिश्री
- kiranvinod Jha
Juhi
ये जो हिज्र ए गुलाब बने बैठे हो
यहां किसको खबर किसके बने बैठे हो
राज से पर्दा हटाओ तो जाने
दफने जहन में हम ही है या किसी और को बसाए बैठे हो
-बेखबर (जूही)
PRADYUMANSINH MAKWANA
https://www.facebook.com/share/r/1AvbTNEz8U/?mibextid=D5vuiz
PLS MANI JA
HETU DEAR
Umashankar Ji
फोन पर करता हूं घंटे घंटे बात,
मुलाकात में दिल का हाल हो जाता है ज़ज्बात।
जेबों में हाथ, मगर नज़रे बस तुझपे ठहरी,
इश्क़ में हम यूं ही बेख़बर से फिरते रहे सड़कों पर पहरी।
Umashankar Ji
"फोन पर घंटों करती हो बात,
मुलाकात में दिल का हाल अनबात।
रोलर कोस्टर सा धड़कता है सीना,
तेरी हंसी में बसती है मेरी नगीना।
जेब में हाथ, पर दिल बेकाबू,
तेरी हर अदा लगे जैसे जादू।
आगे-पीछे बस तेरा साया,
इश्क़ में डूबा मेरा येाया।"
મનોજ નાવડીયા
આ દર્દો તો હંમેશા મારી પાછળ પડ્યાં છે,
એક મટે નહીંને બીજાં હજું પાછળ ઉભા છે,
બીજાને કહીએ તો મીઠું ભભરાવે એવાં છે,
દર્દ સાજા કરેને એવા કોઈ હજું મળ્યાં નથી,
થાય એમ કે હવે રોજ એકલાજ આથમ્યા છે,
પણ સમય વહેને આપો આપ સાજા થયા છે.
મનોજ નાવડીયા
Mrs Farida Desar foram
સીદી બાદશાહ સમાજ ધમાલ મસ્તી
गुमनाम शायर
तुझे कुछ अब कहना भी नहीं है
दर्द जुदाई का सहना भी नहीं है
कैद है तू अपने ही आशियाने में
तुझे बंदिशों मै रहना भी नहीं है
- गुमनाम शायर
Hemant Parmar
ગુજરાતી ભાષા ની રોચક્તા
એક ભાઈ ને લગ્નનું આમંત્રણ મળ્યું.
તેમા નીચે છપાયું હતુ
તમારી હાજરી પોતે જ એક ભેટ છે.
અમને લગ્નમાં કોઈ ભેટ જોઈતી નથી..
હું તેને ફરી ફરીથી વાંચે છે ભાઇ
કન્ફયુઝ થઈ ગયા,
આખરે એટલી સમજ પડી કે ભાઇ ને આમંત્રણ નથી મળ્યું..
ના સમજાય તો ફરીથી વાંચો 😂😂
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