नाम-श्वेता मिश्र सम्प्रति- फैशन डिजाईनर स्थान --नाइजीरिया लेखन विधाएँ-कविता गजल नज़्म कहानी प्रकाशित कृतियाँ- (कविता एवं कहानी) -- साहित्य अमृत, रचनाकार , अपना ब्लॉग ,पुष्पवाटिका मासिक पत्रिका(मई २०१४ से नियमित ....) अटूट बंधन मासिक पत्रिका तथा अन्य समाचार पत्र पत्रिकाओं में कवितायेँ एवं कहानियां प्रकाशित पत्रिका – साहित्य कुंज, लेखनी, साहित्य रागिनी ,युवा साहित्य,हमरंग.com आदि में भी

गुनगुनाती हैं खामोशियाँ
जब होती है बसर हिज़्र की रानाइयाँ
~$M~

बर्फ से जमे हैं ज़ज्बात
मौसम है या हैं हालात
~$M~

स्याह रात और तेरी बात
रिमझिम रिमझिम तेरी यादों की बरसात
~$M ~

रात खिल गयी सितारे जगमगा उठे सुकून की पुरवाई में पल दो पल यादों की छांव बैठे!!
~$M~

तेरी यादों के जल रहे अलाव
बेसबब इंतज़ार की सुलगती छांव

तुम लौट भी आओ न
कि बहार लौट आए
इस जिंदगी का
प्यार खुमार लौट आए
~$M~

ज़ख्म खिल गए
जब रक़ीबों से मिल गए
$ M

कभी ख़्वाब से आ मिलो
जो साथ छूट गया है
आओ न हाथ थाम फिर चलो
$hweta Misra

हिज़्र की रात
तेरी यादों का साथ
चांद आधा
आधी रह गयी लकीर हाथ
~Shweta Misra

रात ..तन्हाई ...यादों की पुरवाई बहने दो न

चुपके से ख़्वाबों में आ कर महकने दो न ~$M