hX

##मकर सक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं##
💐💐मकर सक्रांति💐💐
मकर संक्रांति का महापर्व आया है
जीवन में उत्साह और उमंग लाया है
जीवन का आधार सूर्य आज
छोड़ धनु ,मकर राशि में आया है
रवि आज दक्षिणायन से उत्तरायण होगा
सकल धरा पर नवजीवन का आगाज होगा
होगा अद्भुत समय जब तेज से तेज मिलेगा
पितामह भीष्म का जब देह- निर्वाण होगा
नभमंडल में छायेगी एक अनोखी आभा
आशा की डोर से बंधी ,सपनों की पतंगों का शोर होगा
जब निराशा और नकारात्मकता का
आशा और सकारात्मकता में संक्रमण होगा
तभी सार्थक मकर सक्रांति का ये पर्व होगा।

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

भारतीय संस्कृति और ज्ञान की
पताका दुनिया में लहराने वाले
अध्यात्म और सनातन धर्म को
सकल विश्व को समझाने वाले
मेरे प्यारे भाइयों और बहनों से
जग को सम्बोधित करने वाले
भारतीय दर्शन से इस धरा को
सुवासित और सुरभित करने वाले
युवा वर्ग में चेतना भरने को
"उठो, जागो और चलो,जब तक
तुम्हारी मंजिल न मिल जाये"
का आवाहन करने वाले
बुद्धि, विवेक के स्वामी को
मेरा कोटि- कोटि अभिनंदन है
जन्मदिवस के शुभ अवसर पर
आपको मेरा नमन और वंदन है।।

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

सबब क्या है इस बेरुखी का
जरा हमें तो बताइये
क्यों हैं आज रूठे हुए से
जरा कारण बताइये
अपनी गर्म मिजाजी को
जरा नरम बनाइये
मत रहिये यूँ खफा- खफा
अब मान भी जाइये।।

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

💐💐दाम्पत्य की समस्या💐💐
याद रखो मैं भी हूँ,पर याद हो जाता है सिर्फ मैं ही हूँ सारी समस्याओं की जड़ यही है चाहे स्त्री हो या पुरुष

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

आज दिवस है उस भाषा का
जो है हमारी मातृभाषा
जननी है जो व्यक्तित्व की हमारे
जिससे बनता अस्तित्व हमारा
आप सभी को विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

पीली- पीली प्यारी - प्यारी
सेवंती की है  बगिया हमारी
कनेर, गुलाब, गेंदा सब
अलग - अलग खिलते हैं
पर सेंवती एक साथ
गुच्छों में खिलती है
एक साथ ही रहना सबको
ये सन्देशा देती है
किसी को भाये गेंदा , गुलाब
किसी को चंपा- चमेली
हमें तो प्यारी पीली सेवंती

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

💐💐सुप्रभात💐💐
जो जिंदगी के ऊबड़- खाबड़ व घुमावदार रास्तों पर भी समान गति से दौड़ लेता है ,वही सफल कहलाता है

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

आखिरी दिन जीवन का
साथ तुम्हारे रहना चाहूँ
कर लूँ वो बातें सारी
जो तुमसे कहना चाहूँ।

जी लूँ जी भरकर वो पल
जो लौट कर फिर न आने वाला
जीवन का वो  आखिरी दिन
जीवन फिर नहीं मिलने वाला।

आखिरी दिन जीवन के
सारी खुशियाँ जी जाऊँ
मिले जो भी गम जीवन से
उनको, दिल से बाहर कर पाऊँ।

रही शिकायत जो भी तुमसे
वो तुमसे कह पाऊँ
रखकर सिर तेरे कंधे पर
उस पल को सफल बना जाऊँ।


बन्द होती मेरी आँखों में
सिर्फ तुम्हारी ही छवि हो
चेहरे पर हो चमक अनोखी
तेरे प्रेम की ही झलक हो।


एक आरजू है मन में मेरी
आखिरी पल तक तेरा साथ रहे
बन्द करूँ जब आंखों को
हाथों में मेरे ,तेरा हाथ रहे।।

##आशा झा सखी##
7/01/2021

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

बनकर बादल जो बरस गए
तो प्रेम में हमारे भीग जाओगे
छा जाएगी हरियाली जीवन में
महक में उसकी डूब जाओगे
हो जाओगे बेपरवाह जग से
प्रेम में हमारे खो जाओगे
बस इसलिए प्रेम बरसाते नहीं
अपना स्नेह हम दिखाते नहीं

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો

हे माधव,हे कृष्ण हरि
मैं तो तुम्हारे चरण पड़ी
हर लेना सब कष्ट हमारे
दिखाते रहना रास्ता सही
भटक न जाऊँ राह कहीं
इसलिए ये फरियाद करी
हे नटनागर,हे बनवारी
हे माधव, हे कृष्ण हरि।

-आशा झा Sakhi

વધુ વાંચો