no need to self explination....just searching way.. of.... mox

सीने से लगा के रखते हो,
तभी रूठ जाती हूँ।
वरना...!
गैरो से तो मै नज़रे भी,
कहाँ मीला पाती हूँ?
Nilam Monik Vithlani

तुम जो मेरा #ख्वाब हो,
दील कयु ना #बेताब हो।
कहु तो कया कहु?
कयू दीवानी हु?
तुम्हारा बारे मे,
हरघडी़ सोचती हु कयूँ?
#આતુર

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ओंस की बूँद सा है,
जिंदगी का सफर।
कभी फूल मे,
तो कभी धूल मे।

તને પામવા #મન થયું #આતુર
જાણે #મેઘ પડે ને મોર થાય #ગાંડોતુર
#આતુર

મન તો હજી એ જ #આતુરતાથી ,
તારી રાહ જુએ,
જાણે તુ પહેલી વાર ન આવતો હોય?
ભલે થયા તારે ને મારે સાથે વર્ષ ત્રણ,
હજી પણ એ જ આતુરતા છે પળે પળ.
#આતુર

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every smiling face are,
not happy.
may be they try,
to hide pain of inside.
because.........
people judge book,
by its cover,
not by content.

जैसा मूड हो,
वैसा मंजर होता है।
मौसम तो इन्सान,
के अंदर होता है।

ईश़्क मे वक्त नही,
बल्कि
हर वक्त इश्क़ जताया जाता है।

सांसो का रूक जाना ही,
मृत्यु नही है।
वो वयक्ति भी मरा हुआ है,
जीसने गलत को गलत कहेने की,
हिम्मत खो दी है।

थोडा डूबूँगा मगर मे,
फिर तैर आऊँगा।
ए जिंदगी तु देख,
मे फीर जीत जाऊँगा।