Like to write But took a long pause from it Now wanna resume my writtings and would Like to publish them If found situable

उल्फतों की भी एक अपनी अदा है।
कभी खुशी कभी गम दोनों जुदा है।।
जो हुआ वो तकदीर का बहाना था,
तेरी खुशी में ही बस मेरा खुदा है।।
नमिता "प्रकाश"
#खुश

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जिस प्यार को हमने मुकद्दर समझ लिया!
उस दर्द को इश्क का असर समझ लिया!!
इस इबादत को थुएं में उडा़ दोगे इस तरह ,
उस बेखबर को क्यों हमसफर समझ लिया!!
नमिता "प्रकाश"
#लापरवाह

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सपनों में ख्यालों में तुम आज भी जिंदा हो!
अपनों की तलाश में उड़ता हुआ परिंदा हो!!
नाकाम होकर भी तेरे ख्यालों में ही जीता रहा,
प्रीति की एक बूंद में मैं आज तक जिंदा हूं!!
नमिता "प्रकाश"


#ज़िंदा

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तेरी ,मेरी अमर कहानी!!
प्यार की तूने कदर न जानी!!
नमिता "प्रकाश"

खामोशियों के भी गहरे कुछ राज होते हैं!!
बिन बोले बहुत कुछ कह दे वो अल्फाज होते हैं!!
नमिता "प्रकाश"

खुद को खुदा जाने
खुद को ही माने
निजता की शक्ति को ही पहचाने!
स्व: ही स्वयंभू....
स्व: ही जग पालक.....
किसी का ना बंधु
किसी का ना भ्राता
ना रखे किसी से
दूर दूर तक का नाता ,
वो निश्चय ,निरंकुश
आतताई होगा।
शब्दकोश में उसके
'अहं ब्रह्मास्मि 'ही होगा
फिर....
उसका भी जीवन क्षणभंगुर होगा
ऐसा ही इंशा ,
दुनिया का आखिरी इंसान होगा!!

नमिता "प्रकाश"
१६.६.२०

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धड़कनों को तेरा
आज भी इंतजार है!!
फिर कैसे कह दूं
नहीं तुमसे प्यार है!!
नमिता "प्रकाश"

जब तक यह जिंदगी है एहसास है तुम्हारा!!
तकरार मोहब्ब्त में लगे
अश्क सा यह खारा!!
खामोशियों में उस दर्द को सभांला है इस तरह,
तेरी जुस्तजू में लगे
बेगाना चमन सारा!!
नमिता "प्रकाश"

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इंसान को भूलो मगर इंसानियत नहीं!
हम बेजुबां है तो क्या मेरी अहमियत नहीं??
इतना कहर ढाओगे तो
क्या होगा तेरा अंजाम!!
हैवान हो तुम्हारी कोई शख्सियत नहीं!!
नमिता "प्रकाश"

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दिल में कितना दर्द है किसी को क्या पड़ी है??
तेरी याद में ढूंढे "प्रकाश"
देखना चाहे हर घड़ी!!
नमिता "प्रकाश"