Read My Story ... full of Fun and Humour "पहला घूँट" and please give your reviews

अच्छे रिश्तों को वादे और शर्तों की जरूरत नहीं होती ....

बस दो खूबसूरत लोग चाहिए..

एक निभा सके. और दूसरा इसको समझ सके.!!

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मित्रता का संबंध आँख

और हाथ के रिश्तें जैसा है,

हाथ को चोट लगती है तो

आँख आँसू बहाती है,

और जब आँख रोती है

तो हाथ आँसू पोंछने लगता है !!

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रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है
खुद जैसा इंसान तलाशोगे तो अकेले रह जाओगे

अधूरी...
ही..रहने..दो..
ये..मुलाकातें..
फिर...
इस..दुनिया..में
लौटकर...
आने..के..लिए..
कोई...
वजह..तो..हो..✍

*बात करने के तरीके*

*भगवान से :--> "हाथ जोड़ के,आँख भर के।"*

*गुरुदेव से :--> "नजर झुका के।"*

*माँ से :--> "खुलकर।"*

*पिता से :--> "आदर से।"*

*भाई से :--> "दिल खोल कर।"*

*बहन से :--> "प्यार से।"*

*बच्चों से :--> "लाड़-दुलार से।"*

*दोस्तों से :--> "हँसी-मजाक से।"*

*और...*

*पत्नी से :--> ? ? ? ?*

*पत्नी से बात करने के तरीके की खोज अभी चालू है.. !!*
😜

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ना जाने कितने रिश्ते ख़त्म कर दिए
इस भम्र ने.......

"कि मैं सही हूँ", "सिर्फ़ मैं ही सही हूँ"

गहरी हो जाती है हर दफ़ा मुहब्बत मेरी..

जाया नहीं जाता तेरा बार बार रूठना ..

कितनी विचित्र बात है

प्रेम अपनी राह भटक जाता हैँ

और

नफरत अक्सर मंजिल पार कर जाती हैँ

दिल में रखी नफरत भी
..........झाड़ देना मित्रों...

ये भी एक तरह से
.....दिवाली की सफ़ाई ही थी