दुनिया में सिर्फ दिल ही है जो बिना आराम किये काम करता है…. इसलिए उसे खुश रखो…..चाहे वो…….. अपना हो या अपनों का…

कोई पत्थर सा दिल ला दो यारों.. आखिर मुझे भी इंसानो में ही जीना है..!!

सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से…
पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला...

जिस ह्रदय की मिट्टी गीली हो ,,,
कविता का पौधा वही उपजेगा ,,,

ओर भी बनती लकीरें
दर्द की शायद,,,
शुक्र है तेरा रब, जो हाथ
छोटा-सा दिया,,,,

मैं कौन हूँ यह पता चल जाये तोह मुझे भी बता देना… —”
काफी दिनों से तलाश है मुझे मेरी “

दोस्ती का रिश्ता दो अंजानो को जोड देता है,
हर कदम पर जिन्दगी को नया मोड देता है,
सच्चा दोस्त साथ देता है तब...
जब अपना साया भी साथ छोड देता है.

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