हमारे उपर जो दुःख आते हे,वे हमारे ही पसंद किये होते हे,वे हमारे कर्मों के फल हे,वे हमारे स्वभाव के अंग हे।

एक पुरानी बात याद आ रही है,

प्रीत ना करीए पंछी जैसी,
जल सूखे उड़ जाएँ,
प्रीत करीऐ मछली के जैसे,
जल सुखे मर जाएँ......

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एक रिश्ता तब खत्म होता है,
जब एक व्यक्ति का प्यार और उसकी परवाह करना,
दूसरे व्यक्ति को बोझ लगता है.....

ફૂલ નાજૂક હોય છે,

આપણે બધા સમજીએ છીએ,

સંબંધ પણ નાજુક જ હોય છે,

એ આપણે કેમ નથી સમજી શકતા.......

लोग कहते हैं कि पहाड़ रोया नहीं करतें,

सायद,

उन लोगों ने पहाड़ से गिरते झरनों को नहीं देखा......

यकीन नहीं मेरी महोब्बत पर,
तो जरा शहर जाओ,
उस चूड़ी वाले को पुछना,
हमने उसका हाथ चूम लिया था,
जिस हाथों ने तेरा हाथ पकड़ा था.....

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भाई जिंदगी में लोग दो लोगों से हारे है,

1)परिवार से,

और,

2)प्यार से......

भाई सुण,,,,,,,,

जो भी करो सिद्दत से करो,

प्यार राधा सा,
इन्तजार मीरा सा.......

किसीको पाना या खोना इश्क़ नहीं है,
किसीका होकर रह जाना इश्क़ है,,,,,,

कौन कहता है कि हमने तुमको दिल से निकला है,

अरे,,,,,,,,,,

यही तो एक रोग है जो हमने बड़े शौक से पाला है....

समस्या का अंतिम समाधान,
माफ़ी हीं है,
कर दो या मांग लो मेरे दोस्त.....