× Popup image
  • #शायरी
    मेरे प्यासे होंठों को प्यास है।
    बूजादो प्यास होंठों से या पानी से।
    मिलो या मिलने का इशारा दो आंखों से।
    प्यार दो या प्यार पाने का पैगाम दो।
    तुम्हारी हसीन अदाओं से।
    प्यार तेरा पा न सके तो।
    इनकार ना सूनु में कानों से।
    ख्वाबों से तेरे में जा न सकु।
    करु सदा प्रार्थना ये भगवान से।
    मांगू हर जन्म साथ तेरा रब से।
    चलती रहै मेरी शायरी तेरी सांसों से।


    29/3/2002