तुम्हे देखा तो ये ख्याल आया, ज़िन्दगी धूप तुम घना साया.....

ये शाम मस्तानी, मदहोश किये जा
मुझे डोर कोई खींचे तेरी और लिए जा.....!

अब तलक हम मुन्तजिर रहे हैं जिनके,
उनको हमारा ख्याल तक न आया,
उनके प्यार में हमारी जान तक चली गई
उनको हमारी मौत का मलाल तक न आया!

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क्या बात है बड़े चुप चाप से
बैठे हो,
कोई बात दिल पे लगी है या
दिल लगा बैठे हो....।

बर्तन खाली हो तो ये मत समझो
कि मांगने चला है...!
हो सकता है....!
"सब कुछ" बांट के आया हो....।

इश्क़ का ये मतला सबसे पुराना है
तुम्हारे बिना मर जाना है
ये हर आशिक का पहला और आखरी फ़साना है

रात आऐ थे तुम ख्वाब में मेरे.....
इतनी फुर्सत तुम्हें मिली कैसे...??

जला हुआ जंगल छुप
कर रोता रहा,
लकड़ी उसी की
थी उस माचिस की तीली मैं ..

नब्ज़ क्या
खाक बोलेंगी जनाब!
जो दिल पर गुजरी है
वो दिल ही जानता है....।